Mutual Fund: SIP से बना बड़ा Corpus, अब कैसे संभालें अपना Smallcap, Midcap, Flexicap निवेश?
Mutual Fund: SIP के जरिए धीरे-धीरे बना आपका Mutual Fund Portfolio जब बड़ा कॉर्पस बन जाता है, तो क्या पहले जैसी निवेश रणनीति जारी रखनी चाहिए? ₹3 लाख के पोर्टफोलियो में 20% गिरावट का मतलब ₹60,000 का नुकसान है, लेकिन ₹1 करोड़ के कॉर्पस में यही गिरावट ₹20 लाख का नुकसान करा सकती है. ऐसे में निवेशकों के लिए सिर्फ रिटर्न नहीं, बल्कि Asset Allocation, Risk Management और Financial Goals के हिसाब से पोर्टफोलियो को रीबैलेंस करना भी जरूरी है. इस एपिसोड में समझिए कि बड़ा कॉर्पस बनने पर SIP की रणनीति कब बदलनी चाहिए, लक्ष्य नजदीक आने पर Equity Exposure कैसे घटाएं और पोर्टफोलियो में जोखिम को कैसे मैनेज करें. साथ ही जानेंगे कि 5-6 Mutual Fund SIP चलाने के बावजूद आपका पोर्टफोलियो Overlapping का शिकार कैसे हो सकता है? दो फंड्स में कितने शेयर कॉमन होना चिंता की बात है, SEBI का Portfolio Overlap Methodology क्या है और क्या ज्यादा ओवरलैप होने पर फंड्स को कंसोलिडेट करना चाहिए? जानिए तमाम सवालों के जवाब 'SIP की टिप' में Vitta Mitra के Co-Founder Rishit Shah से.